हास्य-व्यंग्य
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  • शिष्टाचार के बहाने

    पुलिस मुहकमे में फरमान जारी हुआ कि वे शिष्टाचार सप्ताह मनाएँगे।
    आम जनता का दहशत में आना लाज़िमी सा हो गया।
    वे किसी भी पुलिसिया हरकत को सहज में लेते नहीं दीखते।
    डंडे का ख़ौफ़ इस कदर हावी है कि सिवाय इसके, वर्दी के पीछे सभ्य सा कुछ दिखाई नहीं देता। पुलिस के हत्थे आप चढ़ गए, तो पुरखों तक के रिकार्ड और फ़ाइल वे मिनटों में डाउनलोड करवा लेते

  • नेता के आँसू

    नेता के आँसू से ....
    एक दिन अख़बारों में एक चौंका देनेवाली ख़बर छपी कि नगर में धड़ल्ले से नेताजी के नक़ली आँसू असली दामों में बेचे जा रहे हैं। इस समाचार से भूचाल-सा आ गया। श्रद्धालु जनता की आस्था पर यह करारी चोट थी। लोगों ने सरकार को चेतावनी दी कि नक़ली आँसुओं के विक्रेताओं को तुरंत गिरफ़्तार करें और कड़ी से कड़ी सज़ा दें। सरकार सक्रिय हुई मगर नतीजा शून्य रहा। लोगों

  • मेवामय यह देश हमारा

    एक ख़ुशखबरी! स्वर्ग में शर्तिया देशभक्ति का टीका और ड्रॉप बन कर तैयार हो गए हैं। अभी अभी विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि वहाँ के स्वास्थ्य मंत्री ने देशभक्ति टीकाकरण अभियान को हरी झंडी दिखा अपने देश को रवाना भी कर दिया है। सभी वोटरों से निवेदन है कि वे अपने-अपने प्रिय नेता को लेकर देशभक्ति टीकाकरण केंद्र पर अगले रविवार को पहुँच कर उन्हें देशभक्ति का टीका ज़रूर लगवाएँ, देशभक्ति के दो

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